Court kitne prakaar ke hote hai सबसे बड़ा कोर्ट कौन सा है | भारत में कितने प्रकार के न्यायालय हैं?

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Court kitne prakaar ke hote hai सबसे बड़ा कोर्ट कौन सा है | भारत में कितने प्रकार के न्यायालय हैं?

Court kitne prakaar ke hote hai क्या आप जानना चाहते हैं कि कोर्ट कितने प्रकार के होते हैं और भारत का सुप्रीम कोर्ट कहां पर है और जज कितने प्रकार के होते हैं भारत में कितने प्रकार की अदालत हैं और सबसे बड़ा कोर्ट कहां पर है भारत का हाई कोर्ट कहां है अगर इन सब के बारे में आप विस्तार से जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को लास्ट तक पड़े क्योंकि हम हमारे इस आर्टिकल में आपको बताएंगे इन सब के बारे में

कोर्ट कितने प्रकार के होते हैं Court kitne prakaar ke hote hai

court की बात की जाए तो भारत में पॉँच प्रकार के न्यायालय स्थापित किए गए हैं उनमें सबसे पहले नंबर पर आता है सर्वोच्च न्यायालय दूसरे नंबर पर उच्च न्यायालय तीसरे नंबर पर जिला और अधीनस्थ न्यायालय इसके बाद फास्ट ट्रेक कोर्ट और लोक अदालत आती हैं

भारत के सबसे बड़े कोर्ट यानी कि सर्वोच्च न्यायालय की बात की जाए तो भारत का सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली में स्थित है जिन्हें हम सुप्रीम कोर्ट के नाम से भी जानते हैं और भारत के संविधान के अनुसार हर राज्य के लिए हाई कोर्ट स्थापित किया गया है इसे हम निचली अदालत भी कहते हैं भारत एक बहुत बड़ा देश है इसलिए इसमें सब  मिलाकर 24 उच्च न्यायालय स्थापित किए गए हैं

 भारत में कोर्ट के प्रकार 

1 suprem Court सर्वोच्च न्यालय  

सबसे पहले नंबर पर आता है सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट का मुख्य काम होता है कि वह राज्यों के बीच विवाद मानव अधिकारों से की रक्षा करना मौलिक अधिकारों को देखना और सरकार को संविधान के बारे में समय-समय पर अवगत कराना यह सब उच्चतम न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट के आधीन आते हैं और सुप्रीम कोर्ट एक निष्पक्ष न्यायपालिका है

यह किसी सरकार के आदी नहीं आता और इसकी स्थापना 28 जनवरी सन 1950 को की गई थी अभी तक सुप्रीम कोर्ट की बात की जाए तो वह 25,000 से अधिक फैसले दे चुका है और इसके मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई हैं उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की कार्यकाल की बात की जाए तो इनका 60 वर्ष का होता है

लेकिन अगर कोई सेना से रिटायर्ड अफसर इस पद पर होता है तो उसका कार्यकाल 65 वर्ष का होता है और भारत में उच्च तम न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या 34 है जो पहले 30 थी लेकिन 2019 में सांसद में आए एक कानून में इनकी संख्या को बढ़ाया गया है अगर देश में किसी सरकार के बीच विवाद आता है तो इस बारे में फैसला भी सुप्रीम कोर्ट के द्वारा ही लिया जाता है

 उच्च न्यायालय High Court

उच्च न्यायालय भारत में उच्च न्यायालयों की संख्या 24 है और यह एक राज्य स्तर पर काम करते हैं यानी कि राज्यों के अंदर के विवादों को निपटाते हैं जब जिला स्तर की अदालत कोई फैसले की सुनवाई करती है या जमानत देने से इंकार कर देती है तो कोई भी व्यक्ति हाई कोर्ट में जाकर फिर से याचिका दायर कर सकता है और उच्च न्यायालय की स्थापना संविधान के अनुच्छेद 254 अध्याय 5 भाग 6 के अंतर्गत की गई है उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति की बात की जाए तो इनकी नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति और मुख्य न्यायधीश और राज्य के राज्यपाल के परामर्श के बाद ही इन जज की नियुक्ति की जाती है सबसे पुराने उच्च न्यायालय की बात की जाए तो यह कोलकाता में स्थित है और इसकी स्थापना सन 1862 में की गई थी यह सभी न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट के आधीन आते हैं

 जिला और अधीनस्थ न्यायालय The District and Subordinate Judiciary

जिला अधीनस्थ न्यायालय देश में जितने भी जिले हैं उन जिले की न्यायालय की स्थापना हर जिले में की गई है और जिले के सारे मुकदमे इसी जिला न्यायालय में सुने जाते हैं और यह न्यायालय उच्च न्यायालय के अधीन होते हैं

फास्ट ट्रैक कोर्ट Fast track court

फास्ट ट्रैक कोर्ट की बात की जाए तो इनकी कार्य  सेशन कोर्ट की ही तरह होती है लेकिन इन कोर्ट की स्थापना महिलाओं के साथ हो रहे हिंसा के विरुद्ध जल्दी फैसला सुनाना होता है और यह आमतौर पर 1 महीने से 15 या 10 दिन में ही फैसला सुना देते हैं और इन कोर्ट की स्थापना सन 2000 में की गई थी इन कोर्ट का स्थापना करने का मुख्य उद्देश्य लंबित पड़े मामलों पर सुनवाई करना होता है और सबसे प्रमुख ध्यान इन कोर्ट का महिलाएं और बच्चों के विरुद्ध हो रही हिंसा को निपटाना है इस समय फ़ास्ट कोर्ट की बात की जाए तो इनकी संख्या भारत में 900 है

 लोक अदालत Public Court

लोक अदालत लोक अदालत एक प्रकार से ग्राम पंचायत या पंच परमेश्वर के सिद्धांतों पर आधारित होती हैं और इनका आधार होता है लोगों को पंचायत के द्वारा न्याय दिलाना अगर देखा जाए तो यह मुख्य मामले वैवाहिक पारिवारिक विवाद भूमि अधिग्रहण विभाजन के दावे जैसे मामले निपटा देते हैं  नागरिक हितो की रक्षा भी करते हैं लोक अदालत के लाभ की बात की जाए तो इसमें आपको किसी भी प्रकार की फीस देने की जरूरत नहीं होती और इसमें किसी भी पक्ष को सजा नहीं सुनाई जाती और अदालत मे समझौता के द्वारा ही समस्या को सुलझाया जाता है

 supreme court kahan hai सुप्रीम कोर्ट कहाँ है 

भारत का सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में स्थित है इसे आप सर्वोच्च न्यायालय के नाम से भी जानते हैं और जितने भी उच्च न्यायालय हैं सुप्रीम कोर्ट के नीचे काम करते हैं

sabse bada court kaun sa hai

भारत में सबसे बड़ा कोर्ट सुप्रीम कोर्ट है इसे आप सर्वोच्च न्यायालय के नाम से भी जानते हैं और यह दिल्ली में स्थित है इसका मुख्य काम राज्यों के विवाद को देखना व सरकार के बीच विवादों को सुलझाना और संविधान को सही ढंग से देश देश में लागू करना और जितने भी उच्च न्यायालय के फैसले होते हैं जो उच्च न्यायालय के द्वारा नई सुलझाए जा सकते उन्हें सर्वोच्च न्यायालय में ही सुलझाया जाता है

Court kitne prakaar ke hote hai आर्टिकल से क्या सीखा 

दोस्तों हमने हमारे इस आर्टिकल में आपको बताया है कि Court kitne prakaar ke hote hai और भारत का सबसे बड़ा कोर्ट कहां पर स्थित है और इन कोर्ट के प्रमुख कार्य क्या क्या होते हैं अगर आपको हमारे द्वारा लिखा आर्टिकल अच्छा लगता है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमें कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको हमारे द्वारा लिखा आर्टिकल कैसा लगा  धन्यवाद

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manoj meena
हेलो दोस्तों मेरा नाम मनोज मीना है मैं बीए फाइनल ईयर का छात्र हूं मुझे बायोग्राफी लिखना काफी पसंद है क्योंकि हिंदी में ज्यादातर जानकारी किसी के बारे में भी उपलब्ध नहीं होती इसीलिए मैं ज्यादातर जानकारी इकट्ठी कर कर पॉपुलर पर्सन के बारे में बायोग्राफी लिखता हूं आप मुझे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फॉलो भी कर सकते हैं

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