supreme court kya hota hai भारत में कितने सुप्रीम कोर्ट है | क्या होता है Supreme Court

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 supreme court kya hota hai भारत में कितने सुप्रीम कोर्ट है | क्या होता है Supreme Court

supreme court kya hota hai क्या आप जानना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट क्या होता है अथवा सुप्रीम कोर्ट क्या है और भारत में कितने सुप्रीम कोर्ट है हैं सुप्रीम कोर्ट के जज को कौन नियुक्त करता है या सुप्रीम कोर्ट को हिंदी में क्या कहते हैं और सुप्रीम कोर्ट के जज के साथ अपॉइंटमेंट कैसे लेते हैं अगर आप इन सब के बारे में जानना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को शुरू से लेकर लास्ट तक जरूर पढ़ें क्योंकि हम हमारे इस आर्टिकल में आपको बताएंगे कि सुप्रीम कोर्ट क्या होता है या सुप्रीम कोर्ट क्या है

supreme court kya hota hai

सुप्रीम कोर्ट की बात की जाए तो सुप्रीम कोर्ट भारतीय न्यायालय का प्राधिकरण है जिसे भारतीय संविधान के द्वारा भाग 5 और अध्याय 4 के तहत स्थापित किया गया है और भारतीय संघ की व्यापक न्याय को अधिकतम अधिकारिता उच्चतम न्यायालय को दी गई है अगर साधारण सी भाषा में बात करें तो सुप्रीम कोर्ट की भूमिका संगी न्यायालय या भारतीय संविधान के रक्षक के रूप में दी गई है

भारत में कितने सुप्रीम कोर्ट है

भारत में अगर सुप्रीम कोर्ट की बात की जाए तो भारत में अभी 25 सुप्रीम कोर्ट है 2019 से पहले भारत में 24 सुप्रीम कोर्ट हुआ करते थे लेकिन 25 में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना 1 जनवरी 2019 को आंध्र प्रदेश के अमरावती में की गई है

 भारत के सुप्रीम कोर्ट में कितने न्यायाधीश हैं?

भारत के सुप्रीम कोर्ट में टोटल जज की संख्या 34 है और भारत के 4 नए जजों ने अभी हाल ही में शपथ ली है जिसके कारण अब उनकी संख्या 34 हो गई है भारत में अगर प्रमुख न्यायाधीशों की बात की जाए तो उनमें रंजन गोगोई न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी न्यायमूर्ति एस रविंद्र और न्यायमूर्ति वी शामिल है

 सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य कार्य क्या है?

सुप्रीम कोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य काम होता है कि केंद्र शासित प्रदेशों में सही निर्णय लिए जा रहे हैं या नहीं लिए जा रहे हैं उन्हें विधि अनुसार  देखना और सुप्रीम कोर्ट के भारतीय संविधान की व्याख्या करना इसका मुख्य कारण माना जाता है

 भारत में सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना कब हुई?

भारत में सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 1950 को हुई थी

सुप्रीम कोर्ट के जज की नियुक्ति कौन करता है

अगर सुप्रीम कोर्ट के जज की नियुक्ति की बात की जाए तो सुप्रीम कोर्ट की जज की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है और इसका वर्णन भारत के संविधान के सेक्शन 124 में देख सकते हैं

 सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या कौन बदल सकता है?

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या कानून द्वारा सांसद के द्वारा ही बदली जाती है और यह संख्या 1956 में 10 थी 1960 में 13 कर दिया गया बाद में 1977 में 17 कर दिया गया और 1985 में यह बढ़कर 25 हो गई भारत में यह संख्या 21 थी लेकिन वर्ष 2019 में उच्चतम न्यायालय में न्यायाधीश संख्या संशोधन विधेयक लाया गया और इसको संसद में मंजूरी मिल गई और यह संख्या 30 से बढ़कर 33 करने का प्रावधान या लाया गया अभी वर्तमान में इनकी संख्या 34 है

 सुप्रीम कोर्ट कहां है

भारत का सुप्रीम कोर्ट मार्ग मंडी हाउस न्यू दिल्ली में स्थित है

 सुप्रीम कोर्ट को हिंदी में क्या कहते हैं

सुप्रीम कोर्ट को हिंदी में उच्चतम न्यायालय कहा जाता है

हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अंतर

हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में क्या अंतर होता है दोस्तों आपने कई बार सुना होगा हाईकोर्ट का नाम और आपने कई बार सुना होगा सुप्रीम कोर्ट का नाम आपके मन में यह सवाल जरूर आता होगा कि इन दोनों में अंतर क्या होता है इनमें कोई भी अंतर नहीं होता या दोनों नाम एक ही है आप इसे उच्चतम न्यायालय सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट कहकर भी बुला सकते हैं यह सभी एक ही कोर्ट के नाम हैं

 

सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का वेतन

भारत के मुख्य न्यायाधीश को वर्तमान में ₹100000 वेतन दिया जाता है वही सर्वोच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश की बात की जाए तो उन्हें ₹90000 पर महीने के हिसाब से वेतन दिया जाता है उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भी ₹90000 पर महीने के हिसाब से वेतन दिया जाता है व उच्च न्यायालय के अन्य न्यायाधीश को ₹80000 महीने के हिसाब से वेतन दिया जाता है

सुप्रीम कोर्ट के जज का कार्यकाल

सुप्रीम कोर्ट के जज या हाई कोर्ट के जज की बात की जाए तो इनका कार्यकाल कितने वर्ष का होता है यह हमारे संविधान में कहीं पर भी नहीं लिखा है कि एक जज को कितने समय के लिए सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया जाएगा हां इनकी उम्र जरूर डिसाइड कि गई है कोई साधारण व्यक्ति जज बनता है तो वह 60 वर्ष की उम्र में रिटायरमेंट ले लेता है

लेकिन अगर कोई सेना वाला व्यक्ति जज की पदवी पर जाता है तो उसकी उम्र 65 वर्ष से की गई है और इन्हें हटाने के लिए संसद के विशेष सत्र में महाभियोग द्वारा सिद्ध होने पर इन्हें हटाने के लिए सांसद का दो तिहाई बहुमत होना जरूरी है और एक प्रस्ताव यहां से पारित किया जाता है और इन्हें केवल राष्ट्रपति के द्वारा ही हटाया जा सकता है

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति होने के लिए योग्यता

उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की नियुक्ति होने के लिए योग्यता का वर्णन आप भारत के संविधान के अनुच्छेद 217 में पढ़ सकते हैं उसके अनुसार जो भी भारत का सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त होना चाहता है वह भारत का नागरिक होना चाहिए और उसकी उम्र 62 वर्ष से कम होनी चाहिए बाह 10 वर्ष तक कम से कम किसी न्यायिक पद पर कार्य होना चाहिए यानी कि 10 वर्ष न्यायिक पद पर पूरा कर चुका हो

 supreme court kya hota hai आर्टिकल से क्या सीखा 

दोस्तों हमने हमारे इस आर्टिकल में आपको बताया है कि  supreme court kya hota hai या उच्च न्यायालय क्या होता है और सुप्रीम कोर्ट कहां पर स्थित है सुप्रीम कोर्ट में कितने जज होते हैं सुप्रीम कोर्ट के जज का कार्यकाल कितने वर्ष का होता है और सुप्रीम कोर्ट की स्थापना कब की गई थी और भारत में कुल कितने सुप्रीम कोर्ट है इन सब के बारे में आपको विस्तार से बताया है अगर आपको हमारे द्वारा लिखा आर्टिकल अच्छा लगता है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और हमें कमेंट करके जरूर बताएं कि आपको हमारे द्वारा लिखा आर्टिकल कैसा लगा धन्यवाद

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manoj meena
हेलो दोस्तों मेरा नाम मनोज मीना है मैं बीए फाइनल ईयर का छात्र हूं मुझे बायोग्राफी लिखना काफी पसंद है क्योंकि हिंदी में ज्यादातर जानकारी किसी के बारे में भी उपलब्ध नहीं होती इसीलिए मैं ज्यादातर जानकारी इकट्ठी कर कर पॉपुलर पर्सन के बारे में बायोग्राफी लिखता हूं आप मुझे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर फॉलो भी कर सकते हैं

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